Skip to main content

Posts

Showing posts with the label COVID 19

आध्यात्मिक परिष्कार !!

हमारा एक पल कुछ ही देर में मिनटों का स्वरूप ले लेता है। मिनटों से घंटो का, वही घंटे दिन और रात में परिवर्तित हो जाते है। दिन और रातों का यह समय साल बनकर उभर कर आता हैं। कुछ साल बीतते है, वह आयुष्य का रूप साकार करने लगते हैं। मानव का आयुष्य काल चक्र में बंधा हुआ है। कल यही नियम परिवर्तन है।मानव जाति विनाश की ओर अग्रसर हो रही है। मानव जीवन एक व्यस्त रोगी सा प्रतित होता नजर आता है। यह विश्व की सुन्दर रचना सर्व शक्तिमान प्रभु ने की हैं। वही हमारा निर्माता है तो विनाश कर्ता भी वही है। हमे समझना है, मानव का अस्तित्व क्या है? मनुष्य जन्म का प्रयोजन क्या है? किसी वस्तु के संबंध में विचार करने के लिए यह आवश्यक है। कि उसकी कोई मूर्ति हमारे मनःक्षेत्र में हो। बिना कोई प्रतिमूर्ति बनाये मन के लिए किसी भी विषय में सोचना असम्भव है। मन की प्रक्रिया ही यही है कि पहले वह किसी वस्तु का आकार निर्धारित कर लेता है, तब उसके बारे में कल्पना शक्ति काम करती है। समुद्र भले ही किसी ने न देखा हो, पर जब समुद्र के बारे में कुछ सोच-विचार किया जाएगा, तब एक बड़े जलाशय की प्रतिमूर्ति मनःक्षेत्र में अवश्य रह...